स्फटिक कमल श्री यंत्र (Sphatik Kamal Shree Yantra)
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उत्पाद विवरण +
✨ स्फटिक श्री यंत्र : दिव्य समृद्धि का प्रतीक
पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख है कि प्रतिदिन स्फटिक श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना प्रारंभ हो जाता है। मनुष्य को चाहिए कि वे प्रतिदिन स्फटिक श्रीयंत्र के दर्शन और पूजन से लाभ उठाएं। विशेषकर नियमित माँ महालक्ष्मी के मंत्र जाप अथवा शुक्रवार के दिन महालक्ष्मी और स्फटिक श्रीयंत्र का पूजन करने से, माँ लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को अपार धन, ऐश्वर्य और अद्भुत शक्तियां प्रदान करती हैं।
🌟 स्फटिक श्री यंत्र के लाभ :
- श्रीयंत्र को मंदिर या तिजोरी में रखकर प्रतिदिन पूजा करने से धन, समृद्धि, यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है।
- रुके हुए कार्य बनने लगते हैं और व्यापार में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं।
- जन्मकुंडली में मौजूद विभिन्न कुयोग स्फटिक श्रीयंत्र की नियमित पूजा से दूर हो जाते हैं।
- इसकी कृपा से मनुष्य को अष्टसिद्धियाँ और नव निधियाँ प्राप्त होती हैं।
- श्री यंत्र ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विकास का प्रतीक है, साथ ही यह मानव शरीर का भी प्रतिनिधित्व करता है।
- यह अत्यंत प्राचीन और शुभता का कारक यंत्र माना जाता है।
- श्री यंत्र की अधिष्ठात्री देवी स्वयं माँ श्रीविद्या (माँ त्रिपुरा सुंदरी) हैं, जिनके स्वरूप में इसकी पूजा होती है।
🛕 स्फटिक श्री यंत्र स्थापना विधि :
स्थापना का शुभ दिन: शुक्रवार
विधि:
- प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक स्वच्छ लाल कपड़े पर स्फटिक श्री यंत्र को स्थापित करें।
- गंगाजल या कच्चे दूध से श्री यंत्र का अभिषेक करें।
- श्री यंत्र पर लाल चंदन, लाल पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
-
निम्न बीज मंत्रों में से किसी एक का जाप करें:“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं नमः।”
या
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्री ह्रीं श्री ॐ महालक्ष्म्यै नमः।” - श्री यंत्र से अधिकतम शुभ फल प्रदान करने की प्रार्थना करें।
- स्थापना के बाद नियमित रूप से श्री यंत्र को धोकर और पूजा कर इसका प्रभाव बनाए रखें।
📏 स्फटिक श्री यंत्र का विवरण :
- सामग्री: उच्च गुणवत्ता का स्फटिक (Quartz Crystal)
- ऊंचाई: लगभग 1.5 इंच (डेढ़ इंच)
- तल की मोटाई: लगभग 3/4 इंच (पौन इंच)
- वजन: लगभग 12 से 15 ग्राम
विशेष:
स्फटिक श्री यंत्र का नियमित दर्शन और पूजन न केवल भौतिक समृद्धि देता है, बल्कि आत्मिक उन्नति और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
इस यन्त्र का तल भाग कमल आकार का होने से इसे कमल श्री यंत्र कहा जाता है।
प्रामाणिकता एवं गुणवत्ता +
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